वादे पर चल रहा हु मै……

एक वादा किया था उस वादे पर चल रहा हु मै

उसके यादो मे हर पल मर रहा हु मै

यु तो दर्द लाखो है इस दिल के अन्दर फिर भी

मोहब्बत है सिने मे जो उसकी नफरतो मे जी रहा हु मै

गर तु साज है गीत है और उस गीत कि आवज है

तो लफ्ज बन कर तेरे जुबा से निकल रहा हु मै

दर्द के टुकडो को समेट कर एक कागज बनाया था मै ने

उस पर तेरी बेवफाइ कि दासतान लिख रहा हु मै

अब तो कलम भी टूट चुकी खुन से लथपथ है हाथ

बात प्यार कि है खुन को स्याही बना कर लिख रहा हु मै

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  1. यतेन्द्र सिंह 03/01/2015

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