“कन्हैया कैसो जादू लाया”


कन्हैया कैसो जादू लाया ,जामें गोता खाया |
ह्रदय गूंजता झींगुर के ,भूलत हूँ वह आया ||
गायक के मादक दिल में,निर्झर नेह वर्षाया |
सखियाँ झुरमुट ओट लिए,छींट छीट गीतगाया|
नीर छीन धरयों चांदनी ,आँगन तुलसी आया ||
मलया गिरि मुखरित हो,ईथर इतर ले नहलाया |
पवन पुनीत पंख दुलावत ,निरखत है रघुराया ||
कामी हर्षत कामिनी तरसत प्रीती सुनीति बढ़ाया|
नभ हर्षित लाकर शीत लहरी,निर्झर आँगन आया ||
ऊषा की किरणें भोरे, मधुमय मधुर गीत सुनाया|
|कन्हैया कैसो जादू लाया , जामें गोता खाया ||

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  1. Sukhmangal Singh sukhmangal singh 17/12/2015

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