जब जब भी हमे तेरा ख्याल आया

जब जब भी हमे तेरा ख्याल आया
रह रह के दिल में ये सवाल आया
क्या सचमुच में तू अमानत है मेरी
या फिर यार ने हमे यूहीं बहलाया
———————जब जब भी हमे तेरा ख्याल आया !!

करता हुँ इल्तिजा वक़्त बे वक़्त
जाने क्यों तुझपे ये मेरा दिल आया
रोज़ भेजता हूँ संदेशे तेरे नाम के
लौट के अभी तक न तेरा जबाब आया
———————जब जब भी हमे तेरा ख्याल आया !!

सताती है याद बहुत मुझे मेरे यार की
हवाओ ने भी अब तो ये शोर मचाया
हुए चर्चे सरेआम ये अब तो फिर भी
क्यों न अभी तक उनको एतबार आया
———————जब जब भी हमे तेरा ख्याल आया !!

करने लगी है मजाक मुझ से अब तो
ये बारिश की बुँदे,ये मिटटी की खुशबु
कैसे बताऊ है मुहब्बत तुझ से कितनी
देता कोई सदा दूर से,लगे यार ने बुलाया
————————————जब जब भी हमे तेरा ख्याल आया !!

डी.के. निवातियाँ ____________@@@

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