“संविधान” ही भारत का महाग्रंथ बन जाएगा… !!

सारे देश में होगी खुशहाली,
जब दिलो में ये बस जाएगा
गुरु ग्रन्थ साहिब, गीता, कुरान,
रामयण हो या बाइबिल सबसे पहले
पूजनीय अपना “संविधान” बन जाएगा

न होगी कही लड़ाई धर्म की
जात पात का राग न कोई गायेगा
एक ही है है मात्र भूमि हम सब की
सबके दिल से ये निकले आवाज
जब संविधान सबका “ग्रन्थ” बन जाएगा

एक सूत्र में सबको बंधता
करता सबका ये सम्मान
एक रंग का अपना लहू
एक ईश की हम सब संतान
प्रेम का पाठ सिखाने वाला इसको
हमने जो मान लिया, उस दिन
ये संविधान ही “प्रेम-ग्रन्थ” कहलायेगा

भूल गये क्यों हम कुर्बानी
भारत माता के वीर सपूतो की
कोई गीत, ग़ज़ल नही, है ये तो
लहू से लिखी गाथा उन वीरो की
मिलेगी सच्ची श्रद्धांजलि उनको
जब हर दिल “संविधान” को शीश नवायेगा

याद करो इसके वंशजो को
दुनिया ने जिनको शीश झुकाया है
लोकतंत्र का महाकुम्भ विशेष बना
ये दुनिया में गजब निराला है
जिस दिन हमने इसको समझ लिया
चलने को इसके पद चिन्हो पर
आतुर हर इंसान, दिल से कायल हो जाएगा

कमियाँ खोजते हम जिसमे
वो तो न्याय का बना सरताज
सत्यता पर जिसकी आंच नहीं
देर भले हो पर अंधेर नही
बन स्वार्थी गलत उपयोग करे
फिर उठाते इस पर क्यों सवाल
हो जायंगे हम जिस दिन वचनबद्ध
न कोई आशंकित हो पायेगा
हर दिल में होगी आजादी की खुशबु
“संविधान” ही भारत का महाग्रंथ बन जाएगा… !!

डी. के. निवातियाँ…………….!!!

6 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 06/01/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/01/2016
  3. babucm babucm 23/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/05/2016
  4. babucm babucm 23/05/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/05/2016

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