मत बहाना तु आन्सु मेरी कब्र पर….

[ दुश्मन को अपना महबुब हमने इस कदर बनाया
एक हाथ मे खन्जर और दुसरे मे अपना दिल थमाया ]

आज क्यु महसुस हो रहा है ये
दिल मे दर्द उसको भुलाने के बाद
क्यु याद उसकी और आ रही है ये
कागज के टूकडॉ को जलाने के बाद

[ तेरी बेवफाइ का नशा छा रहा है
अब तो मौत भी पास नजर आ रहा है ]

क्यु बेवफा आज वापस आ कर
तु मेरे दिल का हाल जान लिया
शायद तुझको भी रोना पडा
उस रात मेरे आन्सु बहाने के बाद

[ तेरी याद मे आन्खे सुजा रहा हु
तुझे तो नही अब खुद को भुला रहा हु ]

तु भी तो तडपता होगा अक्सर
रातो मे मेरे चले जाने क बाद
कब्र पर आया है तु आज
मुझको मीटा देने के बाद

[ मत बहाना तु आन्सु मेरी कब्र पर
कही मै फिर न उठ जाउ तुझे दुखी देख कर ]

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