बूझो तो जानें ——


ननद-भौजाई में तकरार हुई ,की तू अपनें पति का नाम पहले लो !-तू अपनें पति का नाम पहले लो!
स से उज्वल शशि वदन ,
मलया गिरी की वास |
हे बनियाँ तू तौल दो ,
लेने पठावनि`सास ||
भाभी :-तू पहले अपनें पति का नाम लो !
ननद:-आकप अपनें पति का नाम पहले लो !
दोनों में इस प्रकार तकरार होती रही ?
कि कुछ देर बाद ननद नें अपने पति का नाम ले ही लिया सुंदरलाल |
भाभी :-भाभी चालाक थी उसनें अपने पति का नाम नहीं लिया (कहा जाता है,प्राचीन परम्परा है कि पति का नाम लेने से पति की आयु घटती है) ——
ननद-भौजाई में तकरार हुई ,की तू अपनें पति का नाम पहले लो !-तू अपनें पति का नाम पहले लो!
स से उज्वल शशि वदन ,
मलया गिरी की वास |
हे बनियाँ तू तौल दो ,
लेने पठावनि`सास ||
भाभी :-तू पहले अपनें पति का नाम लो !
ननद:-आकप अपनें पति का नाम पहले लो !
दोनों में इस प्रकार तकरार होती रही ?
कि कुछ देर बाद ननद नें अपने पति का नाम ले ही लिया सुंदरलाल |
भाभी :-भाभी चालाक थी उसनें अपने पति का नाम नहीं लिया (कहा जाता है,प्राचीन परम्परा है कि पति का नाम लेने से पति की आयु घटती है)
ननद :-रोने लगी और अपनी माँ से रोते हुए सारी बातें तकरार क्यों हुआ कही|
माँ :-हम बहू से उसके पति का नाम लेने की तरकीब निकालेंगे |
बेटी :- बोली कौन तरकीब निकलोगी माँ !
माँ :-कपूर लेने को दुकान पर बहू को भेज कर !
बेटी :-कपूर लेने भेजने से क्या मतलब है माँ !
माँ :- कपूर उसके जमाई का नाम जो है बेटी !
माँ -बेटी :-दोनों मिलकर बहू ,भाभी को पैसे देकर भेजा बहू :दुकान पर जा कर उक्त उपरोक्त रचना पढ़कर कपूर ( कर्पूर) दुकानदार से माँगा,बणिक ने माँगपूरी की !

Leave a Reply