कदमो में आसमाँ न झुका दू तो कहना ( गीत )

!! कदमो में आसमाँ न झुका दू तो कहना !!

कभी आकर तो देख मेरे दर पर एक बार
कदमो में आसमाँ न झुका दू तो कहना ……….!! १ !!

कोयल बजा रही होंगी शहनाइयां बागो में
और घटा झूम झूम मंगल गा रही होंगी
आँखों से बरसेंगे बादल जैसे सावन भादो
जाने कितने बरसो से तरस रहे है ये नैना

कभी आकर तो देख मेरे दर पर एक बार
कदमो में आसमाँ न झुका दू तो कहना ……….!! २ !!

पतझड़ के मौसम में जैसे आई बहार होगी
और लबो पे मुस्कुराते कमल खिले होंगे
चटकी होगी कलियाँ तुझे देख गुलशन मैं
गुलाब भी सुर्ख स्याह न हो जाए तो कहना

कभी आकर तो देख मेरे दर पर एक बार
कदमो में आसमाँ न झुका दू तो कहना ………!! ३ !!

उतर आएगा चाँद जमी पे सितारों संग
और धरती ने भी आँचल फैलाया होगा
तेरे मस्तक से निकलता हुआ सूरज,
कदमो को चूमकर न छुप जाए तो कहना

कभी आकर तो देख मेरे दर पर एक बार
कदमो में आसमाँ न झुका दू तो कहना ………!! ४ !!

डी. के. निवातियाँ ……..@

3 Comments

  1. yogesh panche 08/12/2014
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/03/2015
  2. C.M. Sharma babucm 24/12/2016

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