सिर्फ खुश्बू हैं-गजल-शिवचरण दास

सिर्फ खुश्बू है निरा अहसास हैं
उम्र भर गुल्शन बहुत महकायेंगे.

बन्द मुठठी में नही होते हैं ख्वाब
हम भी खुशबू की तरह उड जायेंगें.

जिन्दगी में दर्द होगा जब कहीं भी बेपनाह
वक्त पडने पर हम दवा से दुआ बन जायेंगे.

हर अन्धेरें से लडेगें आपकी खातिर यहां
हम शमा हैं स्वयं जलकर रास्ता दिखलायेगें.

कत्ल करले लाख कोई कुछ असर होगा नहीं
शब्द हैं हम तो अमर हैं हम नहीं मर पायेंगें .

आज हमको नफरतों से तौलते हैं लोग जो
कल वही पैरों मे गिरकर आरती भी गायेंगें.

गीत गजले छ्न्द है हम प्यार की रुबाईयां
मां बहन बेटी कभी तो प्रियतमा बन जायेगें.

रूप का सगर छ्लकता प्यार की सौगात ले
हार बनकर हम गले से आपके लग जायेगें.

आपकी मुस्कान पर कुर्बान है ये जिन्दगी
आपकी खातिर तो हम हंसते हुए मर जायेंगे.

दास फिर भी आपकॉ हमसे अगर शिकवा रहा
आग पर चलकर जमीं मे गर्क हम हो जायेंगें.

शिवचरण दास

Leave a Reply