।।और कल ही।।

।।और कल ही।।

और कल ही
तुमने रख दिया
नाजुक हाथ
दुखते दिल पर
छण भर ।।

छणभर के लिये
ही सही
तेरा प्यार
मिला तो सही
निखर कर ।।

दिल एक टुकड़ा
तुम एक कण
एक याद
बन गये
उमर भर ।।

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