गजल।।हिसाब।।

गजल।।हिसाब।।

कोई बात नहीं कि तू मुझे याद न कर ।।
पर मेरे दिल को तो बर्बाद न कर ।। 1।

काबिल तो छोड़ दे मुझे किसी औऱ के ।।
जी लेगे खुद कोई फरियाद न कर ।। 2।।

हस्र मेरा क्या होगा कुछ तो सोच ।।
एक गम है उसे भी आजाद न कर 3।।

माना कि वक्त कीमती है तेरा दोस्त !!
पर मेरे भी वक्त को खराब न कर ।। 4।।

यकीन हो ही जायेगा तेरी बेवफाई का ।।
अभी से मेरी तन्हाई का हिसाब न कर ।।5।