।।तलाश।।

।। तलाश।।

दोस्ती कर प्यार का एहसास न कर ।।
हर किसी को इस तरह उदास न कर ।। 1

क्या मिलेगा सोच इस बेरुखी से दोस्त !
सब्र कर कुछ दोस्ती भी नाश न कर । 2।।

अब तो प्यार के ही जबाने न रहे ।।
सिर्फ बेरुखी मिलेगी प्रयास न कर ।। 3।।

वरना फस ही जाओगे किसी की साजिश मे ।।
वफा की तो बिल्कुल आश न कर ।। 4।।

तेरे हाथ मे होगा तेरे ही आंख का आंसू ।।
दोस्ती मे गम की तलाश न कर ।।5।।

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