मेरी बात

ये रास्ते मंजिल तक मुझे पहुंचाते नहीं हैं,
हर तरफ जाते हैं मेरे घर की तरफ़ जाते नहीं हैं।

इक आंसू की बूंद में अपना वजूद खो बैठे।
और यूं तो समंदर मे भी समाते नहीं हैं।

हिफाजत के लिए कुछ लोग खंजर रखते हैं,
पर असल बात वो भी बताते नहीं है।

आज दुनिया में बुरा हाल बस उन्हीं का हैं,
अहसान करके जो लोग जताते नहीं हैं।

मुझसे मोहब्बत करकें तु क्यों खौफ जदा है,
हम तो बा-वजह भी किसी को सताते नहीं हैं।

Leave a Reply