बेटियाँ

माँ के आते ही ममता झलक जाती है l
पत्नी के आते ही प्यार की झड़ी लग जाती है l
बहन के आते ही उस पर प्यार उमड़ जाता है l
फिर बेटी के आते ही
यह चेहरा फीका क्यों पड़ जाता है?

बेटियाँ ही है जो घर को रोशन करती है l
बेटियाँ ही है जो माँ,बहन,पत्नी का फर्ज पूरा करती है l
बेटियाँ ही है जो मन के दुःख को पहचान लेती है l
बेटियाँ ही है जो ससुराल को भी अपना मान लेती है l

बेटियाँ न हो तो माँ शब्द कहाँ से आएंगा l
बेटियाँ न हो तो लड़का कुंवारा रह जायेगा l
बेटियाँ न हो तो रक्षा बंधन पर हाथ सुना रह जायेगा l
बेटियाँ न हो तो यह जीवन चक्र भी रुक जायेगा l

अब तो तू जान ले l
बेटी की कीमत पहचान ले l
बेटी अभिशाप नहीं वरदान है l
बेटी अच्छे कर्मो की पहचान है l
कन्या भूर्र्ण हत्या करने वाले
तू इंसान नहीं हैवान है l

2 Comments

  1. अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 24/11/2014
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 24/11/2014

Leave a Reply