दिल ने दिल तोडा

दिल ने दिल तोडा, तो चूर हो गया नजदीक आकर, दूर हो गया

तबदील भूला, हो गया नादान
जींदगी भर तडपने पे मजबुर हो गया

लालच ने, प्यार, खतम कर दिया
जमाना भी किस गुमान में देखो, अंधा नासुर हो गया

बेकस हो गया, मजबूर हाे गया
इन्सान जब से, असुर हो गया

जबसे दौलत ने दूध का कर्ज अदा कीया रीश्तो के बीखरने का ये दस्तूर हो गया

रचनाकार/कवि- धिरजकुमार ताकसांडे (९८५०८६३७२२)

Leave a Reply