हमने अपना ही तसव्वुर

हमने अपना ही तसव्वुर
वीरां किया है दोस्तो,
तारे-गिरीबां ज़ज़ीरा
किया है दोस्तो।
काश कि कभी देखते
उनका अंदाज-ए-पैरहन,
उफ़क-ए-महताब को
बदनाम किया है दोस्तो।
तेरी मेहर से बेमेहर अच्छा
कभी हाल तो पूछे,
जबाने-खन्दां-ए-जिगर ने
अहसान किया है दोस्तो।
कोई तो तकरीब हो
इश्क को सरेआम करने की,
या कि बगावत ने कोई सबक
शुरू किया है दोस्तो।

शब्दार्थ-
1-तसव्वुर/कल्पना

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