राजनीति

अपने देश की राजनीति
आज गीली मिटटी की तरह हो गयी

जो भी इसमें आता
उसकी नज़र आज बुरी ही नज़र आती

पांच साल अपने यूँ ही बिता दिए जाते
करते तो कुछ नही बातें हज़ारों कह जाते

अपने देश का आज क्या हाल है कल क्या होगा
सभी को इस बात का पता है
फिर भी लोग क्यों बुरे को ही चुनते है

समय काल अपना यहां पैसो के लिए भ दिया जाता
अपनी कुर्सी के सिवाय उन्हें और कुछ नज़र ही नही आता

आज किस पर विस्वास करें किस पर नही
यह हल किसी को भी नज़र नही आता

इंतज़ार आज फिर होगा हर एक को
कोई महान आत्मा फिर आ जाये
अपने देश को वह ज्यादा नही
थोड़ा सा तो कुछ सुधारे

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