मुझे महसुस हुवा

जब देखा एक भिखारीकाे
जिन्दगी क्या है यह महसुस हुवा
जब देखा गाना गाते सुरदासकाे
जिन्दगी क्या है यह महसुस हुवा
जब देखा किलकिलाती बच्चीकाे
जिन्दगी क्या है यह महसुस हुवा
जब देखा चितामे राख हाेता हुवा लाशकाे
जिन्दगी क्या है यह महसुस हुवा
जब देखा दाैलतकाे
ताे जिन्दगी क्या है यह महसुन न हुवा ।

One Response

  1. Suvedi Hom 06/11/2014

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