बाक़ी हैं कितनी दीवारें

बाकी हैं कितनी दीवारें
कब टूटेंगी ये दीवारें

सरहद की दीवारें तो फिर
दिख जाती हैं दीवारों सी
ना दिखे दिलों के बीच खिचीं
ऊंची बदरंगी दीवारें,!!

काले गोरे की दीवारें
मज़हब जाती की दीवारें
धनवान ग़रीब की दीवारें
कब टूटेंगी ये दीवारें!!

है ठोस खड़ी धन की लिप्सा
दीवार बनी गुरु शिष्य बीच
निर्धन मरीज़ दम तोड़ रहे
पर टूट रही ना दीवारें!!

हैं मध्य खड़ीं सम्बन्धों के
अनगिनत अहं की दीवारें
रिश्ते नाते दम तोड़ रहे
पर टूट रही ना दीवारें!!

यह द्वन्द्व निरंतर चलता है
इस पार और उस पार बीच
उस पार दिखाई कैसे दे
भगवान भगत में दीवारें!!

जितना ऊंचा मानव उठता
उतनी उठती हैं दीवारें
कब टूटेंगी यह दीवारें
क्या टूटेंगी यह दीवारें !!!

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