शायरी

खुद से जुदा करके वो हमे खुश रहने का मशवरा दिया करते हैं.
हमें बस इतना बता दो, अकेले होने पर अश्क़ उनकी आखों से क्यों गिरा करते हैं.

हर प्यार को छोड़ने वाला कायर नहीं होता,
गर उपरवाला हमें जुदा ना करता ,
तो आज मैं शायर नहीं होता.

चाँद नही है तो क्या हुआ,आज की रात सितारे रौशन करेंगे,
वो चले गये तो क्या हुआ,उनकी यादों के सहारे हम जियेंगे.

हमारे मुहब्बत की दास्तान भी बड़ी अजीब हुई,
ना हम बेवफा हुए,ना वो बेवफा हुए,फिर भी जुदाई क्यों नसीब हुई.

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