संसद चलाते हो या मुंगसीपालटीराज?

कानुन का राज है या उपदेश का राज
सच क्या है बताओ मै पुछता हुँ आज
झाडू लगाते हो करते नदी नाले साफ
संसद चलाते हो या मुंगसीपालटीराज

विधी के विधान का इंप्लिमेंटेशन करो
दंड करो या अथवा तुम जेल में भरो
कानुन के रखवाले हो या नौटंकिबाज

शपथ-ग्रहण में पूरी दुनियांको बुलाते
और शादीब्याह हो जैसे बाराती आते
आवा-बावा तो पहली पंक्तिमें विराज

विदेशो में जाकरके शो- बाजी करते
केम छो” पुछे कोई तो बडे मुस्कुराते
देश चलाते हो या चलाते हो गुजरात

रचनाकार/कवि~ डॉ. रविपाल भारशंकर
(९८९००५९५२१)

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  1. डी. के. निवातिया D K Nivatiya 03/11/2014

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