उसकी एक याद

मैं इक कच्ची कली हूँ
आपके छूने से खिल जाउंगी
मदहोशी कुछ इस कदर है मुझमें
घूर के ना देखना कभी
जो देखोगे तो गिर जाउंगी
शरारतें हैं कुछ ज्यादा मुझमें
तड़प-तड़प कर तड़पाउंगी
संभालना उस दिन ‘जानू’ मुझे
जब मैं खुद इक कली
तुझ भँवरे से लिपट जाउंगी
मैं इक कच्ची कली हूँ
आपके छूने से खिल जाउंगी.

flo65h

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