अनमोल इल्तिजा

ना आएँ कभी गर्दिशों के सदके
जिन्दगानी मे उनके।
मेरे मालिक की यह
रहम इफ्तदा हो जाए
हर रोज़ करते हैं”अनमोल”
इल्तिजा जिनके लिए
उस महकते गुलशन पे
रब की दुआ बसद हो जाए।।

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