फ़साना – डी के निवातिया

फ़साना

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तेरी मेरी कहानी का अब यही फ़साना होगा
बरसेंगे तेरे मेंरे नैन बारिश का बहाना होगा !!

तड़पते दो दिलो में तन्हाई का आलम होगा
सिमटते रिश्तो को हमे फिर बचाना होगा !!

होंगें कैद परिंदो जैसे, पास न कोई चारा होगा
दीदार को तरसेंगे नैना, दुश्मन ज़माना होगा !!

कुछ कह न सकेंगे दूजे से, लबो पे पड़ा ताला होगा
शोले से दहकते बदनो को मिला न ठिकाना होगा !!

ताउम्र रहेंगे जुदा, नाम बेवफ़ाओं में हमारा होगा
बेदर्द ज़माने का काम मुहब्बत को मिटाना होगा !!

क्या करेगें शिकवा किसी से जब दोष खुद हमारा होगा
कैसे होंगी मुराद पूरी, गर खुदा ने भी यही ठाना होगा !!

आज किया वादा हमने,ये जीवन सिर्फ तुम्हारा होगा
करेंगे सुकर्म कुछ ऐसे,नतमस्तक सारा ज़माना होगा !!

कर खुद पे भरोसा “धर्म”, न सोच किसी का सहारा होगा
मेहरबाँ हो जाएगा खुदा, दुनियाँ कदमो झुकाना होगा !!

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डी के निवातिया

10 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 24/08/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/08/2015
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 09/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/09/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 09/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/09/2018
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/09/2018
  5. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 11/08/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/09/2018

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