सारी जमीं सारा आसमाँ तुम्हारा होगा

तेरी मेरी कहानी का कोई तो फ़साना होगा
सिमटते हुए रिश्तो का कोई तो सहारा होगा !!

तड़पते दो दिलो में तन्हाई का आलम होगा
बरसेंगे तेरे मेंरे नैन बारिश का बहाना होगा !!

होंगे कैद परिंदो जैसे, दुश्मन सारा जमाना होगा
तरसेंगे दीदार को एक दूजे के कोई न चारा होगा !!

न कह सकेंगे कुछ दूजे से,लबो पे लगा ताला होगा
दहकेंगे दो बदन शोलो की तरह, क्या नजारा होगा !!

ताउम्र रहेंगे जुदा, नाम बेवफाओ में हमारा होगा
बेदर्द जमाने ने भी नाम बेरहमी से उछाला होगा !!

क्या करंगे सिकवा किसी से जब दोष खुद हमारा होगा
होगी न मुराद पूरी,खुदा ने भी दुआओ को नकारा होगा !!

चलो करे एक वादा आज हम,ये जीवन अब तुम्हारा होगा
कर जाए सुकर्म कुछ ऐसा, नतमस्तक सारा जमान होगा !!

कर सदा अपने पे भरोसा, मत सोच किसी का सहारा होगा
झुकेगा तब खुदा भी,सारी जमीं सारा आसमाँ तुम्हारा होगा !!

### डी. के. निवातियाँ ###

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 24/08/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/08/2015

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