शिक्षा में असमानता

शिक्षा नहीं देखती गरीबी अमीरी,
शिक्षा पर है समानता का अधिकार l
आज इंसान ने अपने चंद फायदे,
के लिए बनाया है इसे व्यापार ll

बचपन में सुना था की शिक्षा पर सबका बराबर हक़ है l
बच्चे को स्कूल में दाखिला दिलाने गया तो,
पता चला की शिक्षा देने में भी बड़ा फर्क है ll

प्राइवेट स्कूल के नाम पर शिक्षा बेचीं जा रही है l
खुलेआम डोनेशन से मोटी रक़म उगाई जा रही है ll

जब शिक्षा पर सबका समानता का हक़ है,
फिर पढ़ाई जा रही इन किताबों में क्यों फर्क है ll

सरकारी स्कूल में जहाँ हिंदी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है l
वहीं प्राइवेट स्कूल में बच्चों को अंग्रेज़ बनाया जा रहा है ll

आज राष्टभाषा हिंदी होते हुए भी अंग्रेजी चारों तरफ छाई है l
हिंदी माध्यम के बच्चों के लिए तो जैसे मुसीबत बन आई है ll

प्राथमिक शिक्षा में यदि हम ये फ़र्क लायेगे l
तो कैसे हम बच्चे को समय के अनुसार लड़ना सिखायेंगे ll

जहाँ एक नेता सरकारी स्कूल में दी जा रही सुविधाओं को गा रहा है l
फिर क्यों वो अपने बच्चे को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहा है ll
में पूछता हूँ जब प्राथमिक शिक्षा देने में
इतना फ़र्क रखा जाता है ,
तो उंच्च परीक्षा में सबको समान क्यों आंका जाता है ll

बच्चे देश का भविष्य है इनके साथ खिलवाड़ मत कीजिये l
समय की माँग है इन्हें अंग्रेजी का ज्ञान शुरु से ही दीजिये ll

अगर शुरु से ही सरकारी स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाई जाएंगी l
तभी प्राइवेट स्कूल की यह दुकान बंद हो पायेगी ll

भाषा चाहे जो भी हो इसके ज्ञान से,
अज्ञानता का अंधकार मिट जायेगा l
तभी इंसान इस दुनिया में अपनी एक नई पहचान बनायेगा ll

3 Comments

  1. अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 31/10/2014
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 31/10/2014
  2. Praveen Bhatt 11/11/2014

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