अन्धविश्वास

अन्धविश्वास की आड़ में फंस चुका इंसान l
ढोंगी पंडित मजे ले रहा, देख रहा भगवान ll

सुबह सुबह मंदिर में जाते माथे तिलक लगाते है l
फिर पूरे दिन एक दूजे की, चुगली करके आते है ll

गणपति को दूध पिलाने जन सैलाब उमड़ आया l
दूध वालो की चाँदी हो गयी बह के दूध बाहर आया ll

घर में सुख शांति के लिए पंडित जी से हवन कराते है l
राहु और केतु का वास्ता देकर डोंगी पंडित ठग ले जाते है ll

एक सज्जन ने पंडित से पूछा पैसा मेरे पास कैसे आएगा l
पंडित जी बोले यजमान ………………………….
नीलम धारण कर लो पैसा तुम्हारा गुलाम बन जायेगा l
में बोला पंडित जी नीलम धारण करने अगर पैसा मिल् जाता l
तो इस देश में न कोई भूखा होता न ही कोई गरीब रह पाता ll

ना जाने धर्म के नाम पर मंदिरो में क्यों लाखो रूपए चढ़ाते है l
किसी एक गरीब लड़की की शादी करे तो जन्म सफल हो जाते है ll

कहते है हाथों की इन लकीरो को कोई बदल नहीं पाएगा l
और किस्मत में जो लिखा है वो जरूर सामने आएगा ll
किन्तु में सच कहता हूँ मेरे भाई …………………….
अगर तू अन्धविश्वास को छोड़ मानव की
सच्ची सेवा में जुट जायेगा l
तो हाथों की इन लकीरो को बदलने से
भगवान भी अपने आप को नहीं रोक पाएगा ll

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