मौत से ही डर रहा

1-॰
मौत से ही डर रहा
मौत से ही भागकर,
मौत से ही कर रहा
मौत का व्यापार।

2-
कर बहाना किस घड़ी
मौत का पैगाम मिले,
दोष तेरे सिर रहे
यम का बहाना ना टले।

3-
उसको बुलाना बुलाएगा
ठहर सके ना पल घड़ी,
अन्दर तू क्या सोचता
बाहर तेरे मौत खड़ी?

4-
मौत पर खन्जर नहीं
टूट पड़े किस घड़ी,
मौत से ना बच सकी
दौलत की बुनियाद बड़ी।

5-
जिन्दगी को चाहिए
मौत से मिलकर चले,
दोस्ती में डर नहीं
जहाँ चले वहाँ चले।

6-
मौत से डरता है क्यों
मौत है निश्चित सदा,
मौत से ही जिन्दगी
मौत पर हैं हम फिदा।

7-
मौत से ही ख्वाब अरु
मौत ही चंद्रमुखी,
मौत से ही चल रही
चंदगी की बंदगी।

8-
जिन्दगी ही जिन्दगी
अरबों-खरबों जिन्दगी,
आदमी पर आदमी
लाता कहाँ से सादगी?

9-
आवत धन नीको लगे
जाए निकाले प्राण।
वो धन विरथा ज्ञान बिन
जाके कर क्रपाण॥

10-
हे नर कभी न खरीदिए
कंटक शब्द क्रपाण।
पलटवार में दो गुना
सुनि-सुनि निकसें प्राण॥

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