भजन (तर्ज -स्यामा तेरे चरणों की ……..)

भुमियाँ तेरे चरणों की
गर धूल जो मिल जाए
सच कहता हूँ बाबा
मेरा जीवन बदल जाए !
तेरे द्वार खड़ा हूँ मैं
दोनों हाथ जोड़ कर के
झुक झुक नमन करूँ मैं
स्वामी अपना समझ कर के !
गर तेरे मधुवन की
खुश्बू जो मिल जाए
सच …….
तेरे दर पर सदा ही भक्त
सुख समृद्धि पाते हैं
रोते रोते आते हैं
सुख अदभुत ही पाते हैं!
गर तेरे भजनों की
किताब जो मिल जाए
सच …….
गुरुवार को ‘बाबू’ यूँ
भीड़ उमड़ती हैं
कोई कुछ माँगे कोई कुछ
सब दुखियारे आते हैं !
गर तेरे आशीषों का
हाथ जो रख जाए
सच …….

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