रंग रोशनी के

रंग रोशनी के भर देना, जीवन किसी का आबाद करो।

खुशी से मन लहरा जाए, ऐसे सभी से संवाद करो।।

दीप मन के जले त्यौहार में, अंधेरा मन से निकल भागे।

कामनाएं जो बुझ गई थी, स्वच्छ बन फिर से जागे।।

तबीयत से गले लगाना, दूरी का निशां न रहे।

जो खाली प्यार से था, वो फिर खाली न रहे।।

चिरायू उम्र जब होगी, कहीं से आशीर्वाद मिल जाए।

दीवाली जब मनेगी जब, दिलों के दीप जल जाए।।

अरुण कुमार अग्रवाल

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