त्रिभाषा गीत

जय त्रिभाषा, जय त्रिभाषा, जय त्रिभाषा गान हो |
देव वाणी,आंग्ल भाषा, और उर्दू ज्ञान हो ||

जान लो गुण तीन त्रैभाषा प्रकृति त्रिगुणात्मिका |
ज्ञान औ विज्ञान का भी केंद्र भाषा पर टिका ||
वेद या वेदांत दर्शन संस्कृत है बोलती |
सब बढ़े पढ़कर त्रिभाषा वाइबिल सम्मान हो ||

कृष्ण अल्ला’ह या मसीहा ईस बनकर आये’ थे |
वाइबिल गीता कुरानों को यहाँ वे गाये’ थे ||
है दिया उपदेश पावन ईस ने इंसान को |
जानना गर चाहते तो अब त्रिभाषा ध्यान हो ||

तीन वर्णों का तिरंगा देश की पहचान है |
हिन्द में हिंदी व उर्दू भारती की शान है ||
ज्ञान अंग्रेजी जरूरी विश्व की भाषा यही |
संस्कृत है ज्ञान जननी संस्कृत गुणगान हो ||

आचार्य शिवप्रकाश अवस्थी
9412224548

2 Comments

  1. अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 24/10/2014

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