Bhadaiyan

।।भदैया।।

पूरब मे रहायकपुर आता
धनूपर लिये निशानी ।
पश्चिम मे हैं पन्नाटिकरी
होती हैं शैतानी ।।
एन एच छप्पन पूरब पश्चिम
गावों मे घूम घुमैया हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।।1।।

उत्तर मे सलाहपुर सरपत
दक्षिण मे हैं भैरोपुर
पश्चिम मे बस किमी पन्द्रह
जिला पडेगा सुल्तापुर
नदी गोमती के तट वाला
सबकी नाव खेवैया हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 2।।

यही गाँव है यही पोस्ट है
ग्रामसभा है गावों की
पूरेधना चाचपारा तक
पूरेनथऊं नावों की
डढवा से पूरेगौतम तक
नहरों मे सरपतैया है ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।।3।।

जहाँ पुराने राजकोट के
अभी खण्डहर है अवशेष
जिन टीलों पर फैल गया है
प्रकृति का उत्तम परिवेश
निर्भय और निडर हो चरती
जहां हमारी गैयाँ है ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 4।।

सड़के विजली पानी खम्भे
बैंक ए टी एम से भरपूर
ऊसर बंजर जँगल खेती
अपने मन का है मजदूर
बीच बीच मे ऊबड़ खाबड़
छोटी ताल तलैयां हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 5।।

नदी कूप नलकूप नहर हैं
वन बबूल बरगद के पेड़
कृषि क्षेत्रों में ट्रैक्टर से
कट जाते खेतों के मेंड
आल्हा कजरी गीत फागुनी
भक्ती गीत गवैया हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 6।।

धान बाजरा गेँहूँ सरसों
अरहर की खेती मसहूर
तिल्ली उडद चना आलू पर
शकरकंद कद्दू मंसूर
गाजर पालक भिण्डी लौकी
लहसुन प्याज मुरैया हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 7।।

ब्राह्मण कुरमी नाई ठाकुर
सोनी भार्गव कोरी हैं
बारी तेली और मुसहरा
धोबी मोची जोरी हैं
तथा गडेरिया धुनियाँ यादव
गुप्ता और बढैया हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 8।।

वालीबाल फुटबॉल क्रिकेट से
लम्बी कूद कबड्डी तक
दौड़ और कुस्ती में आगे
युवा यहां के है बेशक
जिन लोगों को जीत सकी न
निश्चित अभी रुपैय्या हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 9।।

सहानुभूति सहयोग समर्पण
सत्य शर्म समभाव यहां
घर गली मुहल्ला बागो में
समता का ठहराव यहां
सज्जन है हर युवा यहां पर
गुस्से में राजा भैया हैं ।।
जहाँ गुजारा मैंने बचपन
उसका नाम भदैयां हैं ।। 10।।

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