मेरी जीवन गति

मेरे साथ जो चलना है तो चलना होगा,
सह धूप, बारिश, अंधड़, टिकना होगा,
आसान होगी डगर मैंने कब बोला था,
देना मेरा साथ, तुम्हे भी जलना होगा।

आएँगी बाधाएं तो आयें, क्या फिकर,
बरसे गगन से पत्थर भी तो क्या फिकर,
हौसले मज़बूत होंगे जब हमारे,
विपदाओं को भी, फिर टलना होगा।

मेरी आशाओं का दीपक है ये,
न बुझा कभी न लडखडाया है,
आये चाहे सूरमा कहीं का भी,
जो करे ललकार, मुझे लड़ना होगा।

मैं एक क्रांति इस युग के विश्वास की हूँ,
जो डगमगाया पथ से अपने एक क्षण भी,
है जो ये गति जीवन की मेरे इस क्षण में,
होगा थमना उसे, मुझे भी मरना होगा।

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