हिंदी

हिंदी पढ़ना आता नही जिनको,वो अब बात करे अंग्रेजी की
मम्मी डैडी बोले है,ना जाने क्या होते माँजी और पिता जी

भूल गए सब रिश्ते नाते, अब आदत है एक रट लगाने की
चाचा-चाची,मामा-मामी भूले,बन गए सब अंकल आंटी जी

राम-राम नाम, क्या दुआ सलाम, अब बोले हाय हैल्लो जी
दो कदम अब साथ चले नहीं, दूर से बोले बाय-२ टाटा जी

संस्कारो की वाट लगा दी, करते अब ती मात्र दिखावा जी
छूते थे जो चरण कमल,वो अब घुटनो तक हाथ लगाते जी

क्या कहे हिंदी अंग्रेजी की गाथा किसको हम सुनाये जी
हिंदी हो या अंग्रेजी दोनों ही का तो ज्ञान होना जरुरी जी

हिंदी तो अपनी राष्ट्र भाषा है उसका सम्मान तात्विक जी
अंग्रेजी आज वक़्त की मांग है ज्ञान उसका भी जरुरी जी

2 Comments

  1. अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 29/10/2014
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/10/2014

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