वो मैं ही तो हूँ

हालात में जीने वाला
हालात पे मरने वाला, मैं नहीं
हालात से दिल मेरा बरी
वो मैं ही तो हूँ
मेरी चमक नोच लो
चमक फिर से बना लूंगा मैं
आज़ाद हूँ दिल मेरा बरी
वो मैं ही तो हूँ
गर रोटी के दहकता हुआ सीना होगा
मिट्टी में बहा दुंगा लहु मैं अपना समझकर पसीना होगा
मजाल हैं कोई आए बला
भला मैं ही तो हूँ
वो मैं हीं तो हूँ