मेरा प्रथमांकन-1

1-
जमाने की आँखों में पानी नहीं,
पानी बिना जिन्दगानी नहीं,
नहीं है तसव्वुर अब जिन्दगी का,
जिन्दगी की कोई कहानी नहीं।

2-
शोक कोख का माँ न करे,
भाई राखी का अपमान न करे,
मेरे देश का संदेश यही है,
नेता झूठी शान न करे।

3-
हिलकी आई गले में अटकी,
बीवी ने वो उल्टी पटकी,
फूला पेट गुब्बार बना,
मैं रोया वो रहा तना।

4-
खुलेआम कोई राग नहीं,
नहीं जंग नगाड़ा,
परनारी के संग जगत में,
जमता रोज अखाड़ा।

5-
आना-जाना खुशी जनाब,
चंद्रमुखी सी खिलती आब,
मान तुम्हारा हरपल हरक्षण
संयोग-वियोग जीवन-घर्षण।

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