परदेश जा के परदेशिया

परदेस जा के परदेसिया भूल न जाना पिया
परदेस जा के परदेसिया भूल न जाना पिया
तन-मन किसी ने तुझे अर्पण किया
परदेस जा के …

इक तेरी ख़ुशी के कारण
लाख सहे दुख हमने ओ साजन
लाख सहे दुख हमने ओ साजन
हँस के जुदाई का ज़हर पिया
परदेस जा के …

दिल में तेरा प्यार बसाया दिल को जैसे रोग लगाया
सारी उमर का दर्द लिया
परदेस जा के …

कब जाओगे कब आओगे कब आओगे कब जाओगे
इतने दिन है कौन जिया
परदेस जा के …

Leave a Reply