गजल

खयालो में था इसीलिए उनका ख़याल आया
वो पुरानी जज्बातों का फिर से उबाल आया

दर्दे दिल दर्दे जिगर लिए फिरते है मैखाने में
एक जैसे ही कहानि का अनेक मिशाल आया

अतीत को अतीत रहने देता तो बेहतर था
ये ख़याल अब ख़याल नहीं एक भूचाल आया

यादों की तूफ़ान आने लगी जाम पिने के बाद
अब सम्हलना कैसे रहने दो जोभी बबाल आया

हम तो भूल ही चुके थे पुरानी सभी खयालो को
अब आ ही गया तो आने दो क्या कमाल आया

हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड
०२-१०-२०१४

2 Comments

  1. praveen rakesh 02/10/2014
    • Paudel Paudel 10/10/2014

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