जगत जननी माता दुर्गा के चरणों में मेरा एक गीत …

जगत जननी ओ जगदम्बे दया हमपर भी कर देना |
बहुत मजबूर हूँ मैया मेरी झोली भी भर देना ||

बना माता खिलौना मै कोई भी खेल लेता है |
हजारों दर्द मिलते है मगर दिल झेल लेता है ||
न माँ क्षमता रही मुझमे न अब मै झेल पाऊंगा |
दिखा दो छाँव ममता की मेरी मैया मेहर देना ||

कोई तो घाव देता है कोई उनको दुखाता है |
मेरी माता तुम्ही देखो कोई मुझको रुलाता है ||
बिना अपराध के ही माँ सदा दण्डित हुआ हूँ मै |
दुखों से दूर हो जाऊं मुझे ऐसा हुनर देना ||

बहुत भटका हुआ हूँ मै मगर माँ तेरा बेटा हूँ |
नहीं मै जानता पूजा मगर चरणों में लेटा हूँ ||
अभागा हाय कितना मै कभी तेरे न गुण गाये |
दयालू मातु तुम दुर्गे सदा सदगुण लहर देना ||

हुई है सित्मगर दुनिया न दुनिया को रहम कोई |
सितम झेलें है हमने सब बचा है ना सितम कोई ||
हजारों रक्त बीजों को तुम्हीं ने था कभी मारा |
सितमगर रक्त सौदागर हुए है माँ नजर देना ||

आचार्य शिवप्रकाश अवस्थी
9412224548

2 Comments

  1. manoj charan manoj charan 29/09/2014

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