अलग रंग

रीझा-2 के देख ली दुनिया, अब अलग थलग सा रंग होगा
कुछ सिंह ले दहाडेगें, कि हर कोई अब दंग होगा

राजा अब न राजा होते, केवल भक्षक होते हैं
सौंप कटारें उन के हाथों, हम बेचारे रोते हैं

छीने अपने अधिकार सब, कुछ ऐसा रूप दबंग होगा
रीझा-2 के देख ली दुनिया, अब अलग थलग सा रंग होगा

2 Comments

  1. Mukesh Sharma Mukesh Sharma 02/10/2014
    • अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 06/10/2014

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