मेरे राम

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जिसके ह्रदय में राम जी का नाम नहीं है
होगा कोई हिंदुत्व की पहचान नहीं है
हिंदुत्व की शक्ति के बस आधार राम है
मन भावना आराधना गुणगान राम है
श्री राम बिन इस देश की पाहचन नहीं है
होगा कोई हिंदुत्व की पहचान नहीं है
भावो में संस्कारो में जनजन के राम है
स्वागत में राम राम विदाई में राम है
जन्मे पे राम राम तो मरने पे राम है
जीवन मरण में राम विन उद्धार नहीं है
आराध्य श्री राम की जिसे पहचान नहीं है
होगा कोई हिन्दुवत की पहचान नहीं है
सोते जागे आते जाते राम राम जी
जीवन के हर आयाम में पल पल में राम जी
चिंतन में राम राम तो मंथन में राम जी
दीनो के दीना नाथहै इस जग में राम जी
जिनकी कपोल कल्पना की राम नहीं है
होगो कोई हिंदुत्व की पहचान नहीं है
मदमोह में सत्ता के ऐसे चूर हुए है
बुध्दिविवेक हीन तुछ नीच हुए है
असुरो निशाचरों ने ऐसा काम किया है
तुलसी का बाल्मीकि का अपमान किया है
गांधी के राम राज्य का भी भान नहीं है
होगा कोई हिंदुत्व की पहचान नहीं है

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