तन्हाई

रोज रात को तन्हाईयोंसे बाते होती हे,
जब भी इश्क का जिक्र होता हे….
तन्हायी यही केहती हे,
“उस्ने अगर तुम्हारी मोहोबत को पेहचान लिया होता,
तो यु रोज रात को हमारी मुलाकाते ना होती”

4 Comments

  1. deepu jain 11/10/2014
    • Sandeep Jagtap Sandeep Jagtap 12/10/2014
  2. deepu jain 11/10/2014
    • Sandeep Jagtap Sandeep Jagtap 12/10/2014

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