(हिन्दी पखवाड़े पर विशेष) अभिषेक करें जन वाणी का

अभिषेक करें जन वाणी का

अभिषेक करें जन वाणी का
नागरी का,दीव्यागीर्वाणी का |

ओंकार जन्मा,संस्कृत सृष्टा
जग वन्दिनी, देव-नन्दिनी
खलिहान-खनक,मात वाणी का ।
अभिषेक करें जन वाणी का |

हिमाला ताज़, सागर लाज़
थार की थाती,वाङ्ग ज्योति
सिन्ध स्वरा,देहात वाणी का।
अभिषेक करें जन वाणी का |

सलोनी-सरल,मृदुल-तरल
जन भारती, राष्ट्र आरती
तम तिरोहिता,जन कल्याणी का।
अभिषेक करें जन वाणी का |

संस्कृति दर्पण, इतिहास दर्शन
सृजन गंगा , भक्ति उमंगा
सर्वस्व अर्पणा, वीणा-पाणी का।
अभिषेक करें जन वाणी का |

संधान करें, व्यवहार करें
सम्मान करें, जय गान करें
निज भाषा, राष्ट्र वाणी का |
अभिषेक करें जन वाणी का |
चरणाभिषेक करें,वीणा-पाणी का।

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