टेरने आज़ादी

टेरने आज़ादी

टेरने आज़ादी
कीर कंकालों को
पिंजरों से
टांग दिया
खुली हवा में
बिजुकों की जगह
हाथ में
थमा दी मशालें
कि
बने रहो मशालची
दिखाते रहो रास्ता
गिद्धों को / सियारों को
और
बचा कर फसल
अपने से / अपनों से
सौंपते रहो
सयानों को
आज़ादी के नाम
लोकशाही के नाम |

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