खबर

मेरे हिस्से का
कागज गूंथा
कलम बनी
स्याही घूली ।
धरती छिटकी
आसमान तना
सागर लहराया ।
मेरे हिस्से का
बारूद सुलगा
लोहा पिघला
लहू गरमाया
मुझे खबर
नहीं हुई ।

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