ये क्या टूटा हैं ?

ये क्या टूटा हैं ?
जिसके टूटने की आवाज नहीं आई?
जिसके टुकड़े फैले हैं कहाँ -कहाँ?
क्या किसी के दिल टुकड़े हैं?
क्यों फिर किसी के
दिल को टूटना पड़ा हैं
शीशे की तरह हैं ?
वो तो मासूम हैं
बच्चे की तरह।
वो तो बस मासूम था,
बस प्यार कर बैठा।
क्या प्यार करना
गुनाह था उसके लिए?
ये क्या टूटा?……

2 Comments

  1. Neelkamal Vaishnaw 24/10/2014
    • मनीष पाराशर 26/10/2014

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