कभी कभी खयाल आता है

कभी-कभी मेरे दिल मे खयाल आता है,
ये भंवरी न होती, ये भंवरी के भँवरे नहीं होते,
ये बापू न होते, ये साई ना होते,
ये मोबाइल ना होते, ये राष्ट्रमण्डल ना होते,
ये ना होते, तो क्या होता, वो ना होते तो क्या होता ?
तो क्या होता, तो क्या होता, तो क्या होता ?
तो फिर मलखान ना होते, महिपाल ना रोते,
धर्मगुरुओं के रिश्ते कंगाल ना होते,
टू जी ना होता, ना ये खेल होते,
राजा और कलमाड़ी जेल ना होते,
ये ना होते तो फिर ये ना होते, कुछ और होता,
ये हैं तो मेरा देश खो गया है,
ये ना होते, मेरा देश तो होता,
तरक्की वाला परिवेश तो होता,
कभी-कभी मेरे दिल मे खयाल आता है।
कभी-कभी मेरे दिल मे खयाल आता है।।

मनोज चारण
मो. 9414582964

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