तमन्ना

“तमन्ना”

आज फिर तमन्ना है कि उनसे, दिल की बात कह दें!
आज फिर तमन्ना है कि उनसे, अपनी जज्बात कह दें!!

है तमन्ना आखों की, उनसे आंखें चार हो!
और तमन्ना है दिल कि यही, कि उनके दिल से प्यार हो!!

होंठों की छुवन की तमन्ना, सांसों की खुशबू मिले!
चेहरे पर हाथ हो और, गेसुओं की छांव मिले!!

उन्की कंचन काया फुदक-फुदक कर, मेरे सामने आए!
फिर हम दोनों मचल-मचल कर, गीत के तराने गाएं!!

रचनाकारः नवीन कुमार “आर्यावर्ती”