‘मुक्तक’-

भारत है!वीरों का कर्मभूमि है।
त्याग तपेस्या का यह देश है।
सपथ हमारा सदा से रहता है।।
घास की रोटी हम खाकर भी।
देश को हमसब महान बनायेंगे।।
सीमा पर आँख दिखाये कोई तो!
उनको बढ़कर सबक सिखायेंगे।।

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