‘इहै रसिया’

काकी मेरी बड़ी कटीली,काका खाते केक।
काकी मेरी खाना पकातीं,काका धोते प्लेट।

मामी मेरी बड़ी मटकनी,मामा मेरे ग्रेट।
मामी मेरी वाकिंग करतीं,मामा गाते गीत।

बूआ मेरी बड़ी रंगीली,फूफा मानो कापी।
घर के अंदर नौकर सोते,प्रेयसी बाहर आती।

चाची मेरी बड़ी चटकीली,चाचा हो चितचोर।
चाचा चौकस पांव दबावें,चाची चाभे होठ।

दादी मेरी मलमल पहिने़,दादा खरीदे मोट।
दादी मेरी बड़ी दिलदार, दादा दिखते खोट।

मम्मी मेरी मचल के चलती,पापा दिखते ग्रेट।
मम्मी मेरी भोजन परोसे, पापा पंखा झेल।

ताई बोलें तोतली बोली, ताऊ बोलें मीठ।
ताई जब फटकार लगावें, ताऊ शाम को लेट।।

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