आज जो दौलत है वो कल हवा हो जायेगी

आज जो दौलत है वो कल हवा हो जायेगी
जिन्दगी भी हर गिरफ्त से रिहा हो जायेगी।

कौन शैतान किस शैतान को पूजेगा यहाँ
जब हर इंसान की शैतानी खुदा हो जायेगी।

देख लो सुनहरे सपने जितना बने इस रात
सुबह कल फिर अंधों की तरहा हो जायेगी।

खूब प्यार कर लो इस बच्ची को तहे-दिल से
कल जब वो जवाॅ होगी तो बिदा हो जायेगी।

जाते जाते देख लो क्या कुछ छूटा है, वरना
तिजोरी खुलते ही रफा-दफा हो जायेगी।

मत बना इतनी लम्बी फेरिस्त गुनाहों की
वरना जिन्दगी, मौत की सी सजा हो जायेगी।

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