गजल -पडोसी के यहाँ पैदा भगत आजाद हो प्रतिदिन

पडोसी के यहाँ पैदा भगत आजाद हो प्रति दिन |
वतन में चैन हो प्रतिदिन अमन बरसात हो प्रतिदिन ||

सभी नेता हमारे लाजपत का रूप धारें अब |
हजारों बोस हो पैदा वतन आबाद हो प्रतिदिन ||

यहाँ की लडकियाँ लक्ष्मी बनें औ जंग को जीतें |
न करना कुछ पड़े हमको प्रगति सौगात हो प्रतिदिन ||

बनेगा विश्व गुरु भारत हमारी कोरी बातों से |
तरक्की देश की होगी वतन की बात हो प्रतिदिन ||

हमारी बुद्धिमानी का सभी लोहा मानते है |
विजेता कारगिल के हम पडोसी साथ हो प्रतिदिन ||

न बातों में कभी हारे न हारेंगे कभी भी हम |
मुशर्रफ वार्ता हो या ओबामा बात हो प्रतिदिन ||

न देंगे इंच भर कश्मीर हम बातों के दादा है |
बुलाता शिव पडोसी को वाद प्रतिवाद हो प्रतिदिन ||

आचार्य शिवप्रकाश अवस्थी
9412224548

2 Comments

  1. Mukesh Sharma Mukesh Sharma 06/09/2014

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